0

आप बीती ….

आप बीती (life story)

Life Story . image

जब मैं आबाद था जग मेरे साथ था।

अब मैं कुछ भी नहीं मेरा कोई नहीं।

कल मोहब्बत के दावे जो करते थे मुझसे।

आज मुँह फेर कर वह भी जाने लगे।

आज तनहा हु मैं मेरा कोई नहीं।

जिन पे मैंने किया था कल इतना भरोसा।

आज मुझ पे भरोसा वह करते नहीं।

खाने पीने को भी आज मोहताज हु।

घर से हु दूर अपने मैं बे आस हु।

फिर भी मेरा भरोसा वह करते नहीं …..

मैंने चाहा नहीं था के ये सब कुछ हो।

हो गया है जो अब माफ़ मुझ को करो।

नींद रातों में अब मुझ को आती नहीं।

मुश्किलें हैं बहुत राह मिलती नहीं।

मेरी खुशियों में हर कोई शामिल रहा।

ग़म में हु आज मैं मेरा कोई नहीं।

पास पैसा था मेरे सब अपने थे मेरे।

आज पैसा नहीं मेरा कोई नहीं।

आज तनहा हु मैं मेरा कोई नहीं…..

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *